नीलम नीले रंग का पारदर्शी पत्थर होता है, जो कुम्भ एवं मकर राशि के जातको को कभी भी नुक्सान नहीं करता है | अन्य राशि के जातको को ज्योतिष की सलाह से नीलम धारण करना चाहिए | नीलम रत्न शनि का प्रतिनिधि रत्न होता है एवं नीलम धारण करने से शनि देव की कृपया धारक के ऊपर सदा बनी रहती है |
नीलम रत्न को धारण करने से प्रत्येक क्षेत्र में जैसे शिक्षा, नोकरी, व्यापार, शादी, राजनीति एवं अन्य कई में लाभ ही होता है | कहते है की यदि नीलम रास आ जाए तो रातो रात करोडपति बना देता है | कुम्भ एवं मकर राशि के जातको को नीलम कभी भी नुस्क्सान नहीं करता है | 5 रत्ती से ऊपर का नीलम धारण करने से ही लाभ होता है | नीलम को सोने या चांदी की अंगूठी में पहनना श्रेष्ठ रहता है |
नीलम शनिवार को धारण करना चाहिए | नीलम को धारण करने की विधि आप फ़ोन पर पूछ सकते है |
सावधानिया
- नीलम धारण करने के पश्चात प्रत्येक शनिवार और शनि नक्षत्रों में अन्न दान जरूर करें।
- शनिवार के दिन मदिरा-तामसिक भोजन का त्याग करें ।
- विकलांग लोगों के प्रति सेवा भाव रखें।
- घर के वृद्ध लोगों के प्रति आदरपूर्ण व्यवहार रखें।
- प्रत्येक माह में शुक्ल पक्ष के दूसरे शनिवार को रत्न को दूध, घी, गंगाजल, तिल और मिश्री मिले जल से अभिसिंचित करें।
- नीलम धारण करने के पश्चात किसी को कोई झूठा आश्वासन न दीजिए नहीं तो दुष्परिणाम गंभीर होगा।


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